नव स्थापित हिंदी विभाग भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में गत वर्ष (२०२४-२५) से हिंदी विभाग की नींव रखी गयी। इस विभाग की स्थापना विशेष तौर पर ग्रामीण परिवेश की छात्राओं में हिंदी साहित्य और भाषा के गुणात्मक अध्ययन के माध्यम से उनके जीवन में नैतिक मूल्यों व साहित्यिक भाषिक कौशल को बढ़ावा देने के लिए हुआ है। दृष्टिकोण-स्नातकोत्तर(हिंदी) की छात्राओं को रोजगार परक पाठ्यक्रम के माध्यम से हिंदी साहित्य एवं भाषा में प्रवीण बनाना। उन्हें प्रभावी प्रशिक्षक, शोधकर्ता और योगदान कर्ता बनाने के लिए प्रशिक्षित करना ताकि भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय दुनिया भर में विद्वतापूर्ण उपलब्धि के एक प्रतिष्ठित केन्द्र के तौर में जाना जाएं। उद्देश्य -(१) हिंदी विभाग का उद्देश्य विभाग को ज्ञान केन्द्र के रूप में स्थापित कर छात्राओं का सशक्तिकरण करना है।
(२) राजभाषा हिंदी को समझने,उसका आस्वादन करने,विविध दृष्टियों से मूल्यांकन करने की क्षमता विकसित करते हुए एक सभ्य समाज का निर्माण करना ।
(३) हिंदी में रोजगार की अधिकतम संभावनाओं को तलाशने व छात्राओं में सृजनशीलता और आलोचनात्मक चिंतन के साथ -साथ उत्कृष्ट अनुसंधान उद्देश्य हेतु विभाग में वार्ताओं, शैक्षिक यात्राओं, कार्यशालाओं, अनुभवी शिक्षाविदों के विस्तृत व्याख्यान, राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय संगोष्ठिया इत्यादि कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित करना।
रणनीतिक योजना -(२०२४-२५)
(१) विभाग में अनुभवी शिक्षकों की भर्ती।
(२) पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या विकसित करना।
(३) विभागीय आधार भूत ढांचे को विस्तृत व उसको नियोजित करना।
(४) हिंदी भाषा संसाधनो(library,ict tools etc) की उपलब्धता व उनको विकसित करना।
(५) हिंदी विभाग में नयी शिक्षा नीति को क्रियान्वित करना।
(२०२४-२०३४)
(१) विभाग में नये पाठ्यक्रम और कार्यक्रम शुरू करना।
(२) अनुसंधान क्षेत्र (Ph.D) विकसित करना।
(३) छात्राओं में सुनने, पढ़ने, बोलने और लिखने के संचार कौशल को बेहतर बनाने के लिए भाषा प्रयोग शाला में विशेष कक्षाओं का प्रबंध करवाना व प्रयोग शाला में और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी सुविधाएं उपलब्ध करवाना।
(५) विभाग अपनी छात्राओं को शिक्षण, जनसंपर्क, काल सेन्टर, तकनीकी लेखन, पत्रकारिता, व्याख्यान आदि क्षेत्रों में प्लेसमेंट हासिल करवाने के लिए समय-समय पर संबंधित संस्थाओं को अपने विश्वविद्यालय में आंमत्रित करना।